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An Introduction to Sociology 64th Edition 2026 By Vidya Bhushan and D R Sachdeva

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 This Book is Useful for  UPSC / B.A LL.B / B.S.C Nursing and Many Courses related to Sociology in Indian Universities.  Language: ENGLISH Page: 950 Binding: Paperback Book Code: 4901 ISBN: 9788122507324 Book Writer: Vidya Bhushan/D.R. Sachdeva Subject : Sociology & Social Work Publication Year : 2022 Buy Link Below. An Introduction to Sociology 64th Edition 2026 By Vidya Bhushan and D R Sachdeva

Rewiring The Brain रीवायरिंग द ब्रेन : डिजिटल एडिक्शन से छुटकारा और मानसिक संतुलन

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  डिजिटल युग में हम सभी उपकरणों से घिरे हुए हैं- पर क्या हर उपयोग लत है? और यदि नहीं, तो कुछ लोग ही इसमें क्यों उलझ जाते हैं? यह पुस्तक इस सामान्य धारणा को चुनौती देती है कि डिजिटल एडिक्शन केवल स्क्रीन, ऐप या एल्गोरिद्म की समस्या है। लेखिका अपने अनुभव और गहन चिंतन के आधार पर एक अलग दृष्टि प्रस्तुत करती हैं- कि लत का वास्तविक स्रोत बाहर नहीं, भीतर होता है। तनाव, भावनात्मक असंतुलन और स्वयं से बचने की प्रवृत्ति ही वह आधार बनते हैं, जिन पर डिजिटल लत पनपती है। यह पुस्तक किसी त्वरित समाधान या कठोर नियमों की सूची नहीं देती। इसके स्थान पर यह एक ऐसी प्रक्रिया की ओर संकेत करती है, जिसके माध्यम से व्यक्ति अपने मस्तिष्क, अपनी प्रतिक्रियाओं और अपने जीवन की दिशा पर पुनः अधिकार स्थापित कर सकता है। ‘रीवायरिंग द ब्रेन’ केवल तकनीक से दूरी बनाने की नहीं, बल्कि उसके बीच रहते हुए भी संतुलन और सजगता के साथ जीने की यात्रा है।   Rewiring The Brain रीवायरिंग द ब्रेन : डिजिटल एडिक्शन से छुटकारा और मानसिक संतुलन

Devi : Bhartiya Nari Ke Gyan Chetna Aur Gaurav Ka Utkarsh

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    ऋग्वेद के दशम मंडल के 10 वें अध्याय के 125 वें सूक्त की आठ ऋचाएं हैं जिन्हें देवी सूक्त कहा जाता है जिसकी द्रष्टा महर्षि ब्रह्मज्ञानिनी वाक् थीं। वाक् ने प्रकृति की सर्जना शक्ति के साथ तादात्म्य कर देवी सूक्त उसी का उद्घाटन किया। इस सूक्त के अनुसार देवी ही इस सम्पूर्ण जगत की अधिष्ठात्री हैं, पितृ व्यवस्था भी देवी के ही अधीन है। स्त्रियाँ देवी इसलिए हैं क्योंकि वे सृजन, पालन और पोषण की शक्ति का प्रतीक हैं। प्रायः यह कहा जाता है कि स्त्रियों द्वारा बनाई गयी दुनिया की व्याख्या पुरुषों ने की है। यह पुस्तक पुस्तक सामाजिक संरचना, विद्या और संस्कृति, चेतना और भाव में स्त्रियों की भागीदारी जानने के लिए लिखी गयी है जो ब्रह्म्वादिनियों, उपनिषद चर्चाओं के स्रोत के रूप में महिलाओं और मध्यकाल के डार्क एरा में भी ज्ञान की लौ जलाने वाली स्त्रियों को उद्घाटित करती है। Devi : Bhartiya Nari Ke Gyan Chetna Aur Gaurav Ka Utkarsh